Saturday, May 25, 2024

बिरला सीमेंट लाइमस्टोन माइंस पर आज भारतीय खान ब्यूरो अजमेर के तत्वाधान में 7 दिनों से मनाये जा रहे “31वें खान पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण सप्ताह” के समापन पर एक भव्य आयोजन किया गया।

आयोजन के संयोजक श्री नरेंद्र मेनारिया ने बताया की राजस्थान की मेजर मिनरल की खदानों पर इस सप्ताह के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गयी हैं।

इस वर्ष इस सप्ताह का आयोजन भारतीय खान ब्यूरो अजमेर के तत्वाधान में बिरला सीमेंट वर्क्स चित्तौरगढ़ की मेज़बानी में करवाया गया।

कोरोना महामारी कोविड 19 के कारण इस वर्ष यह निर्णय लिया गया था कि प्रत्येक खदान सप्ताह भर की गतिविधियां स्थानीय स्तर पर आयोजित करें अतः इस बार हमेशा की तरह विभिन्न टीमों का गठन   कर खदानों के निरिक्षण करने की प्रणाली स्थगित रही। 

बिरला सीमेंट लाइमस्टोन माइंस द्वारा समापन समारोह माइंस पर स्थित अमरुद गार्डन पर आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि श्री विनोद पालीवाल, महाप्रबंधक सतत विकास को कार्यक्रम के प्रारम्भ में श्री नरेंद्र मेनारिया, वरिष्ठ प्रबंधक तथा सचिव खान पर्यावरण एवं खनिज संरक्षण सप्ताह 2020 ने जानकारी दी की हमने दिनांक 15 फरवरी 2021 को समारोह के ध्वज को फेहरा कर इस सप्ताह  का सुभारम्भ किया तथा पर्यावरण सुरक्षा की शपथ सभी उपस्थित कर्मचारियों को दिलवाई गयी।

15 से 16 फरवरी तक खनन क्षेत्र में श्री बिसवारंजन मोहंती मैनेजर माइंस की अगुवाई में विभिन गतिविधियां आयोजित की गयी। माइंस पर खनिज का दोहन करते समय पर्यावरण को क्षति न पहुंचे इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है। ओवर बर्डन तथा लाइमस्टोन की बेंचो को पृथक रखा जाता है। लाइमस्टोन के खनन हेतु ब्लास्टिंग तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर उसके स्थान पर वैकल्पिक पर्यावरण के अनुकूल तकनीक ड्रिलिंग, स्प्लिटर, रॉक-ब्रेकर को उपयोग में लाया जा रहा है। लाइमस्टोन को शॉवेल मशीनों द्वारा डंपरों में भर कर क्रशर में डाला जाता है। आवागमन हेतु डम्परों के आने व् जाने हेतु पृथक मार्ग बनाये गए हे जिन को पानी के छिड़काव द्वारा हमेश नम रख वायु प्रदुषण की रोकथाम की जाती है। श्री प्रमोद सिंह तथा दिगेंद्र सोलंकी का भी उल्लेखनीय योगदान रहा।

17 व 18 फरवरी के आयोजन  हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी तथा कार्यशाला अनुभाग में श्री विनोद गुप्ता जी के निर्देशन में आयोजित किए गएं। कार्यक्रम में श्री विक्रम सिंह शेखावत दवरा जानकारी दी गयी की हमारे अनुभाग में प्रदुषण की रोकथाम हेतु सभी उपाय तो किये ही जाते है साथ ही हमारी टीम नयी नयी तकनीकों का विकास करके पर्यावरण के प्रति समर्पित रहती है। टीम ने इस वर्ष एयर फ़िल्टर की सफाई के समय धूल कणों के उत्सर्जन से होने वाले प्रदुषण पर तकनीक विकसित कर पूर्ण नियंत्रण कर दिया है। इसी प्रकार मशीनों अवधि पूर्ण कर चुके ऑयल फिल्टर्स से बचे हुऐ ऑयल को पृथकीकरण करके ही निस्तारण करने की तकनीक भी विकसित की गयी है ताकि भूमि की सतह को ऑयल के रिसाव के प्रदुषण से बचाया जा सके।

19 फरवरी को सप्ताह का आयोजन क्रशर तथा ओवर लैंड बेल्ट कॉन्वेयर अनुभाग पर श्री मालदेव सिंह हटी उप महाप्रबंधक की अध्यक्षता में किया गया। श्री भाटी ने बतायां की एक हजार टी पी ऐच क्षमता वाले इस क्रशर से एक क्यूबिक मीटर तक के लाइमस्टोन को 25 मिलीमीटर तक की गिट्टी में परिवर्तित किया जाता है। क्रशिंग के समय प्रदुषण की रोकथाम के लिए उचित प्रबंध किये गये है।  श्री बिश्नोई जी ने बताया की इसी वर्ष एक बी डी सी यूनिट भी क्षेत्र को पूर्ण प्रदूषण मुक्त रखने हेतु श्री अरुण माली ने बताया की 3800 मीटर लम्बी ओ एल बी सी भी पूर्णतः ढंकी हुई होने से पर्यावरण में प्रदुषण नहीं हो पता है।

पर्यावरण सप्ताह के अंतर्गत माँ शारदा मिनरल सप्लायर कंपनी के यहाँ भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

20 फरवरी को निबंध नारा तथा पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। शाम को सभी कर्मचारियों के समक्ष पर्यावरण विषय पर प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम रखा गया, मुख्य अतिथि श्री सैयद मकबूल अहमद, खनन विशेषज्ञ तथा भूतपूर्व सहायक प्रेसिडेंट, बिरला सीमेंट उदयपुर रहे।

आज साप्ताहिक समारोह के अंतिम दिन मुख्य अतिथि श्री विनोद पालीवाल के समक्ष पर्यावरण तथा करना विषय पर लागु नितिका श्री नरेंद्र मेनारिया के निर्देशन में श्री अशोक तिवारी, अम्बा लाल व बाबूलाल ने प्रतुती दी। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्राप्त प्रविष्टियों का आंकलन मुख्या तिथि द्वारा कर विजेताओं को पारितोषित किया गया।लगयी गयी है। 

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