जयपुर, 14 अप्रैल, 2026 — राजस्थान के उद्योग जगत में एक नई क्रांति का सूत्रपात हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को धरातल पर उतारते हुए, राजस्थान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने व्यापारियों और लघु उद्यमियों के लिए एक गेम-चेंजिंग नीति की घोषणा की है। इस नई पहल के तहत, सूक्ष्म और लघु उद्योगों (MSMEs) को अब ₹2 करोड़ तक का ऋण आसान शर्तों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
क्या है यह नई लोन नीति?
हाल ही में आयोजित ‘Rising Rajasthan’ इन्वेस्टमेंट समिट और राजस्थान MSME पॉलिसी-2026 के क्रियान्वयन के दौरान कर्नल राठौड़ ने स्पष्ट किया कि राज्य का विकास तभी संभव है जब यहाँ का व्यापारी सशक्त होगा। इस नीति का मुख्य उद्देश्य “Ease of Doing Business” को केवल कागजों से हटाकर धरातल पर लाना है।
कर्नल राठौड़ के विजन के तहत, अब व्यापारियों को बैंकों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। सरकारी योजनाएं राजस्थान के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन (SSO ID के जरिए) कर दिया गया है, जिससे ₹2 करोड़ तक के ऋण के लिए आवेदन करना अब पहले से कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो गया है।
इस नीति की 5 बड़ी विशेषताएं:
- ब्याज अनुदान (Interest Subsidy): छोटे व्यापारियों को ऋण पर भारी ब्याज छूट दी जा रही है, जिससे उनके व्यवसाय पर वित्तीय बोझ कम होगा।
- बिना कोलैटरल ऋण: नई स्टार्टअप्स और छोटे ट्रेडिंग व्यवसायों के लिए Startup Schemes Rajasthan के तहत बिना किसी बड़ी सुरक्षा (Guarantee) के ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
- डिजिटल मंजूरी: कर्नल राठौड़ ने ‘डिजिटल इंडिया’ की तर्ज पर पूरी आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। अब आवेदन से लेकर राशि की निकासी तक की जानकारी आपके मोबाइल पर उपलब्ध होगी।
- मार्जिन मनी ग्रांट: सूक्ष्म इकाइयों के लिए ₹20 लाख तक की मार्जिन मनी सहायता का प्रावधान किया गया है।
- व्यापारी मित्र योजना: हर जिले में जिला उद्योग केंद्रों (DICs) को ‘व्यापारी मित्र’ के रूप में विकसित किया गया है ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।
कर्नल राठौड़ का विजन: “वैल्यू क्रिएटर” राजस्थान
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ अक्सर कहते हैं कि “भारत अब केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक वैल्यू क्रिएटर बन गया है।” इसी सोच के साथ उन्होंने राजस्थान को ‘इन्वेस्टर लैंड रेडी स्टेट’ बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। कनकपुरा डिपो को शिफ्ट करना हो या जयपुर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए कनेक्टिविटी सुधारना—इन सबका अंतिम लक्ष्य व्यापारियों को एक बेहतरीन बिजनेस ईकोसिस्टम देना है।
युवाओं और व्यापारियों के लिए सुनहरा अवसर
यदि आप अपना नया काम शुरू करना चाहते हैं या पुराने व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं, तो Viksit Jhotwara Development और Sankalpit Jaipur Grameen की तर्ज पर यह लोन नीति आपके लिए सबसे बड़ा सहारा साबित हो सकती है। कर्नल राठौड़ का लक्ष्य 2026 के अंत तक 1 लाख नए स्किल्ड युवा और सफल उद्यमी तैयार करना है।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक व्यापारी राजकीय पोर्टल पर जाकर या अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में आधार, उद्योग आधार (Udyam Registration) और प्रोजेक्ट रिपोर्ट की आवश्यकता होगी।
कर्नल राठौड़ की यह नीति राजस्थान के आर्थिक ढांचे को बदलने वाली साबित होगी। यह न केवल बेरोजगारी को कम करेगी बल्कि राजस्थान को देश के ‘इंडस्ट्रियल हब’ के रूप में स्थापित करेगी।