Monday, August 17, 2026

राजस्थान कैबिनेट का बड़ा फैसला: फूड प्रोसेसिंग और फूड पार्क पॉलिसी को मंजूरी, राज्यवर्धन राठौड़ ने बताई सरकार की योजना

राजस्थान में कृषि और उद्योग के बीच मजबूत कड़ी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में Rajasthan Agriculture and Food Processing Policy, 2026 और Rajasthan Food Park Development Policy, 2026 को मंजूरी दी गई। उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इन नीतियों का उद्देश्य कृषि उपज में वैल्यू एडिशन बढ़ाना, फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करना, सप्लाई चेन मजबूत करना, निजी निवेश आकर्षित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब राजस्थान कृषि उत्पादन के साथ-साथ एग्रो-प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों में अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। राज्य की आधिकारिक निवेश वेबसाइट के अनुसार राजस्थान देश में कई प्रमुख कृषि उत्पादों के उत्पादन में अग्रणी है और राज्य में पहले से ही कोटा, जोधपुर, श्रीगंगानगर और अलवर जैसे क्षेत्रों में एग्रो-फूड पार्क से जुड़ा औद्योगिक बुनियादी ढांचा मौजूद है।

क्या है राजस्थान Agriculture and Food Processing Policy 2026?

नई कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग नीति का मुख्य फोकस कृषि उपज को केवल कच्चे माल के रूप में बेचने के बजाय उसका प्रसंस्करण करके अधिक मूल्य पैदा करना है। इससे किसान, FPO, प्रोसेसिंग यूनिट, कारोबारी और बाजार—इन सभी को एक ही वैल्यू चेन में जोड़ने की कोशिश होगी।

कैबिनेट के फैसले के अनुसार इस नीति में पूंजी निवेश पर 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा Farmer Producer Organisations (FPOs), महिला उद्यमियों, SC/ST उद्यमियों और Tribal Sub-Plan क्षेत्रों में स्थापित परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन की व्यवस्था भी की गई है।

इसका सीधा असर छोटे और मध्यम स्तर के फूड प्रोसेसिंग कारोबार पर भी पड़ सकता है। राजस्थान में सरसों, बाजरा, मसाले, दालें, ग्वार, इसबगोल और अन्य कृषि उत्पादों की मजबूत उपलब्धता है। इन उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर नई औद्योगिक गतिविधियां विकसित हो सकती हैं।

Food Park Development Policy 2026 से क्या बदलेगा?

दूसरी बड़ी पहल Rajasthan Food Park Development Policy 2026 है। इसके तहत राज्य में क्लस्टर आधारित फूड पार्क विकसित करने की योजना है। इन पार्कों में फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी कई इकाइयों को एक साझा इकोसिस्टम में लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे प्रोसेसिंग, स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

क्लस्टर मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों और प्रोसेसिंग कंपनियों के बीच दूरी कम हो सकती है। बेहतर कलेक्शन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन सुविधाएं विकसित होने से कृषि उत्पादों की बर्बादी कम करने और उनकी बाजार कीमत बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

केंद्र की Agro Processing Cluster व्यवस्था भी इसी तरह के मॉडल पर काम करती है, जिसमें आधुनिक साझा बुनियादी ढांचे के जरिए किसानों और प्रोसेसिंग यूनिट्स को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।

राज्यवर्धन राठौड़ का विजन: कृषि से उद्योग तक मजबूत कनेक्शन

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के लिए यह नीति केवल फूड प्रोसेसिंग बढ़ाने का कदम नहीं है, बल्कि राजस्थान की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को कृषि क्षेत्र से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

इससे पहले भी राठौड़ ने राजस्थान के औद्योगिक विकास के लिए निवेश, बेहतर भूमि आवंटन और नीतिगत सुधारों पर जोर दिया है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर उद्योग विभाग से संबंधित गतिविधियों में निवेश परियोजनाओं, औद्योगिक नीतियों और RIICO से जुड़े विकास कार्यों की जानकारी उपलब्ध है।

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किसानों और ग्रामीण युवाओं को कैसे फायदा होगा?

फूड प्रोसेसिंग उद्योग का विस्तार किसानों के लिए बाजार के नए विकल्प तैयार कर सकता है। यदि कृषि उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग होती है, तो किसान केवल कच्चे उत्पाद के विक्रेता नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी वैल्यू चेन से जुड़ने के अवसर पा सकते हैं।

दूसरी ओर, फूड पार्कों से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, परिवहन, गुणवत्ता जांच और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार की मांग बढ़ सकती है। सरकार ने भी नई नीतियों को ग्रामीण रोजगार और निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से जोड़ा है।

राजस्थान के मुख्य सचिव ने जुलाई 2026 में भी कृषि उत्पादों के प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को राज्य की आर्थिक समृद्धि से जोड़ते हुए नए फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, फूड पार्क और एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया था।

राजस्थान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन होने के बावजूद कच्चे माल को उच्च मूल्य वाले तैयार उत्पादों में बदलने की क्षमता को और बढ़ाने की गुंजाइश है।

नई नीतियां इस अंतर को कम करने की कोशिश करती हैं। अगर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, तकनीक और बाजार कनेक्टिविटी एक साथ विकसित होते हैं, तो राजस्थान केवल कृषि उत्पादन का बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि agri-value addition और food processing का प्रमुख हब भी बन सकता है।

राज्य सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार राजस्थान में पहले से एग्रो-फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग से जुड़ा आधारभूत ढांचा मौजूद है, जिसे आगे विस्तार देने की दिशा में नई नीतियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

नई नीतियों से राजस्थान में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। पूंजी सब्सिडी और लक्षित प्रोत्साहनों से नई यूनिट लगाने या मौजूदा कारोबार का विस्तार करने वाले उद्यमियों को सहायता मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर FPOs और महिला तथा SC/ST उद्यमियों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन नीति को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

यह पहल राज्य की व्यापक औद्योगिक रणनीति के साथ भी जुड़ती है। मई 2026 में राजस्थान कैबिनेट द्वारा मंजूर Industrial Development Policy में agro-processing, dairy और logistics को भी प्रोत्साहन वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया था।

FAQs: राजस्थान Food Processing और Food Park Policy 2026

1. राजस्थान कैबिनेट ने Food Processing Policy 2026 को कब मंजूरी दी?

राजस्थान कैबिनेट ने 7 अगस्त 2026 को Rajasthan Agriculture and Food Processing Policy 2026 को मंजूरी दी। 

2. Food Processing Policy 2026 में कितनी सब्सिडी का प्रावधान है?

कैबिनेट के फैसले के अनुसार कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग नीति में पूंजी निवेश पर 60 प्रतिशत तक की पूंजी सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। 

3. Food Park Development Policy 2026 का उद्देश्य क्या है?

इस नीति का उद्देश्य राजस्थान में क्लस्टर आधारित फूड पार्क विकसित करना है, ताकि फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, सप्लाई चेन और निर्यात को बढ़ावा मिल सके। 

4. नई नीति से किसानों को क्या फायदा हो सकता है?

फूड प्रोसेसिंग और बेहतर सप्लाई चेन से किसानों को अपनी कृषि उपज के लिए अधिक वैल्यू-एडेड बाजार उपलब्ध हो सकते हैं। FPOs को भी नीति में अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है। 

5. राज्यवर्धन राठौड़ की इसमें क्या भूमिका है?

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ राजस्थान सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री हैं। उन्होंने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए नई कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग तथा फूड पार्क नीतियों के उद्देश्यों को सामने रखा। 

निष्कर्ष

राजस्थान कैबिनेट द्वारा Agriculture and Food Processing Policy 2026 और Food Park Development Policy 2026 को मंजूरी राज्य के कृषि और औद्योगिक विकास के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूंजी सब्सिडी, FPOs और विशेष श्रेणी के उद्यमियों के लिए प्रोत्साहन तथा क्लस्टर आधारित फूड पार्कों की योजना से निवेश, रोजगार और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। 

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के उद्योग-केंद्रित विजन के साथ यह पहल राजस्थान को कृषि उत्पादों के केवल उत्पादक राज्य से आगे बढ़ाकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और एग्रो-इंडस्ट्री का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर पेश करती है।

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