जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड (जीटीएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन करते हुए राजस्व में सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का राजस्व बढ़कर 289.57 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 267.20 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने दूसरी तिमाही और वित्त वर्ष की पहली छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी का कर पश्चात मुनाफा (पीएटी) 120.44 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 117.87 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं, कंपनी का एबिटा 169.14 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का कुल राजस्व 566.70 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 541.94 करोड़ रुपये था। इस दौरान कर पश्चात मुनाफा 258.25 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की पहली छमाही के 255.09 करोड़ रुपये से अधिक है।
कंपनी के चेयरमैन मनोज कुमार दास (आईएएस) ने कहा कि एचपी, एलपी और एचएपीआई नेटवर्क में ट्रांसमिशन वॉल्यूम बढ़ने से कंपनी के राजस्व में अच्छी वृद्धि हुई है। परिचालन को मजबूत बनाए रखने पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। स्टैंडअलोन राजस्व में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि ने कंपनी के मुनाफे को भी मजबूती दी है।
कंपनी के सीईओ प्रकाश कार्णिक ने बताया कि जीटीएल वर्तमान में भारत का दूसरा सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस ट्रांसमिशन नेटवर्क संचालित कर रही है। गुजरात के 26 जिलों में फैला यह नेटवर्क 2,900 किलोमीटर से अधिक लंबा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक प्राकृतिक गैस की मांग बढ़कर 297 एमएमएससीएमडी (प्रतिदिन 29.7 करोड़ स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) तक पहुंच सकती है।
इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए कंपनी 3,500 करोड़ रुपये की विस्तार योजना पर काम कर रही है। इससे पाइपलाइन नेटवर्क की क्षमता और भौगोलिक पहुंच बढ़ने के साथ कंपनी के राजस्व एवं एबिटा में भी वृद्धि की उम्मीद है।