जयपुर/दौसा: कुछ समय पहले तक हमारे समाज में सफलता का पैमाना केवल एक सुरक्षित सरकारी या पारंपरिक नौकरी पाना माना जाता था। युवा अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद महीनों तक भर्ती परीक्षाओं और वैकेंसियों की कतार में खड़े रहते थे। कई बेहतरीन और लीक से हटकर सोचने वाले बिजनेस आइडियाज केवल वित्तीय सहायता, आधुनिक तकनीकी ज्ञान और सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण कागजों में ही दफन हो जाते थे।
लेकिन डिजिटल क्रांति के इस आधुनिक युग में युवाओं की इस सोच को बदलने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक आंदोलन शुरू हो चुका है। दौसा के हिंगोटा में ‘रघुकुल पुस्तकालय’ के हालिया लोकार्पण समारोह के दौरान Rajasthan Cabinet Minister कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रदेश के युवाओं को एक बेहद गहरा और प्रगतिशील संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि आज के युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ (नौकरी खोजने वाला) बने रहने की जरूरत नहीं है; बल्कि उन्हें ‘जॉब क्रिएटर’ (रोजगार देने वाला) बनने की सोच रखनी होगी।
पुस्तकालय से नवाचार तक: कर्नल राठौड़ का युवा सशक्तिकरण मॉडल
हिंगोटा में आधुनिक पुस्तकालय का उद्घाटन करते हुए Rajasthan Cabinet Minister कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने शिक्षा को सीधे नवाचार (Innovation) से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मैं यहाँ युवाओं के सपनों के उद्घाटन के लिए आया हूँ। पुस्तकालय की अलमारियों में रखी पुस्तकें केवल कागज के पन्ने नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं के सपनों को साकार करने की सामग्री हैं।” इस भव्य जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं और अभिभावकों के सामने नए जमाने के अवसरों का एक पूरा खाका रखा:
- पारंपरिक करियर से आगे की सोच: आज के युवाओं को केवल पुरानी सोच या चुनिंदा सरकारी नौकरियों तक सीमित रहने की आवश्यकता नहीं है। वर्तमान में ड्रोन निर्माण (Drone Manufacturing), ड्रोन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, कोडिंग और आधुनिक व ऑर्गेनिक कृषि जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में असीमित व्यावसायिक संभावनाएं मौजूद हैं।
- हर बच्चे के भीतर है एक चैंपियन: उन्होंने माताओं और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चा प्रशासनिक अधिकारी नहीं बन सकता, लेकिन हर बच्चे के भीतर एक विशेष हुनर जरूर होता है। डिजिटल युग में बच्चों की बात सुनना, उनके साथ खड़ा होना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का वातावरण देना समय की मांग है।
- डटे रहने का साहस: एक retired indian army colonel और Olympic silver medal 2004 के विजेता के रूप में अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हार और जीत के बीच जो व्यक्ति हर परिस्थिति में डटकर खड़ा रहता है, वही असली चैंपियन कहलाता है।
सरकारी योजनाएं: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के 4 बड़े वित्तीय स्तंभ
Youth Affairs Department और Department of Youth Affairs & Sports के माध्यम से राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सिर्फ डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई फ्लैगशिप व्यावसायिक योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं:
1. स्टैंड-अप इंडिया (Stand-Up India): महिला, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के युवाओं को अपना नया उद्योग या सर्विस यूनिट स्थापित करने के लिए ₹10 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का बैंक लोन बिना किसी जटिल थर्ड-पार्टी गारंटी के दिया जाता है।
2. पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma): यह योजना पारंपरिक हुनरमंदों, कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक टूलकिट, उन्नत कौशल प्रशिक्षण और बहुत कम ब्याज दर पर कोलैटरल-फ्री ऋण प्रदान करती है, ताकि वे अपने पारंपरिक व्यापार को आधुनिक स्टार्टअप में बदल सकें।
3. पीएम मुद्रा योजना (PM MUDRA Yojana): पहली पीढ़ी के छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों को अपना काम शुरू करने या मशीनरी खरीदने के लिए ₹50,000 से लेकर ₹20 लाख तक का ऋण प्रदान किया जाता है।
4. स्टार्टअप इंडिया (Startup India) व iStart: यह डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को टैक्स में छूट, आसान पंजीकरण और इनक्यूबेशन की सुविधा देता है, ताकि जयपुर और राजस्थान के स्थानीय स्टार्टअप्स सीधे वैश्विक निवेशकों से जुड़ सकें।
यह पूरा आर्थिक नेटवर्क राज्य में लागू नई Rajasthan industrial policy और अपग्रेड हो रहे RIICO industrial park 2026 ग्रिड के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिससे नए उद्यमियों को प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्रियां और आसान सिंगल-विंडो क्लीयरेंस मिल रही है।
एक सुरक्षित और आत्मनिर्भर कल का निर्माण
दौसा के इस मंच से आया यह संदेश युवाओं को जागरूक करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है: कोई भी समाज या राज्य तभी समृद्ध और आर्थिक रूप से सुरक्षित बन सकता है, जब उसकी युवा पीढ़ी जोखिम उठाने का साहस दिखाए और सरकार की नीतियां उनके लिए सुरक्षा कवच का काम करें।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के अनुशासित, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख नेतृत्व में राजस्थान का Youth Affairs Department आज युवाओं के भीतर छिपी खेल और व्यापारिक प्रतिभा दोनों को निखार रहा है। अपने सुप्रसिद्ध सुबह के दौरों और कड़े जनसंवाद मॉडल चौपालों के जरिए वे स्वयं जमीनी स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करते हैं। सरकार के इस दूरदर्शी विजन और डिजिटल सुशासन के दम पर आज राजस्थान का युवा वर्ग नौकरी की कतारों से बाहर निकलकर खुद की कंपनियां खोलने और अन्य लोगों को रोजगार देने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।