जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर को स्वच्छ, सुंदर और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने भाग लिया। झोटवाड़ा-वैशाली नगर जोन के वार्ड संख्या 27 में आयोजित इस अभियान के दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ दीवारों का सौंदर्यीकरण किया। इस पहल के माध्यम से शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ नागरिकों को स्वच्छता और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण का संदेश दिया गया।
बच्चों के साथ दीवारों पर भरे रंग
‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान के तहत कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बच्चों के साथ ब्रश थामकर दीवारों पर रंग-रोगन किया। इस गतिविधि में स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बनाया। बच्चों को अपने शहर को सुंदर बनाने की प्रक्रिया से जोड़ने का उद्देश्य उनमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
यह पहल कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियों और स्थानीय विकास के प्रयासों की महत्ता को भी रेखांकित करती है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा कर्तव्य है।
गुलाबी नगरी की पहचान को संवारने की पहल
जयपुर अपनी ऐतिहासिक विरासत, भव्य स्थापत्य और गुलाबी रंग की विशिष्ट पहचान के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। ऐसे में सार्वजनिक दीवारों का सौंदर्यीकरण शहर के वातावरण को आकर्षक बनाने और उसकी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
झोटवाड़ा क्षेत्र में आयोजित यह गतिविधि जयपुर में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की पहल से जुड़ी व्यापक सोच को दर्शाती है। इस तरह के सामूहिक प्रयासों से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने और नागरिकों को सार्वजनिक स्थलों की देखभाल के लिए प्रेरित करने में मदद मिल सकती है।
जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ और सुंदर जयपुर
‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान का उद्देश्य नागरिकों को शहर की सुंदरता और स्वच्छता से जोड़ना है। बच्चों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की भागीदारी ने जनसहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
जयपुर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाए रखने के लिए जरूरी है कि नागरिक सार्वजनिक संपत्तियों की देखभाल करें और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय योगदान दें। झोटवाड़ा में विकास और जनहित से जुड़े कार्यों के साथ ऐसी पहलें भी शहर के बेहतर भविष्य के लिए नागरिकों को प्रेरित करती हैं। सामूहिक प्रयासों से ही गुलाबी नगरी की सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।