Saturday, May 2, 2026

झोटवाड़ा की नारी शक्ति: कर्नल राठौड़ ने बताया— “यही है आत्मनिर्भर भारत”

आत्मनिर्भर झोटवाड़ा की कहानी: नारी शक्ति के नेतृत्व में विकास

जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र में हाल ही में आयोजित आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा—

“हमारा झोटवाड़ा आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। यहाँ की माताएँ और बहनें केवल सपने नहीं देख रहीं, उन्हें साकार कर रही हैं।”

कार्यक्रम में राठौड़ ने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं से संवाद करते हुए बताया कि झोटवाड़ा की प्रगति अब केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।

बेटियाँ हैं आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान

कर्नल राठौड़ ने कहा कि झोटवाड़ा की महिलाएँ “घर से लेकर व्यापार तक” नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यहाँ की बेटियाँ बाजरे के लड्डू बनाकर ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर बेच रही हैं, सिलाई-कढ़ाई से छोटे फैशन ब्रांड चला रही हैं, और ONDC व डिजिटल पेमेंट जैसे आधुनिक माध्यमों से व्यापार बढ़ा रही हैं

उन्होंने कहा —

“झोटवाड़ा की महिलाएँ केवल आत्मनिर्भर नहीं, बल्कि आत्मगौरव की मिसाल हैं। जहाँ बेटियाँ सुरक्षित हैं, वहीं राष्ट्र सशक्त बनता है।”

डिजिटल इंडिया से महिला उद्यमिता को मिला नया बल

कर्नल राठौड़ ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएँ अब डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि झोटवाड़ा की महिलाएँ UPI, QR पेमेंट, और ऑनलाइन ऑर्डर सिस्टम अपनाकर छोटे व्यवसायों को बड़े अवसरों में बदल रही हैं।

यह पहल स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप कल्चर और रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे झोटवाड़ा का नाम राज्य के अग्रणी आत्मनिर्भर मॉडलों में शामिल हो गया है।

सुरक्षा, सम्मान और सफलता — झोटवाड़ा का नया सूत्र

कर्नल राठौड़ ने कहा कि झोटवाड़ा की प्रगति केवल आर्थिक नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और सम्मान पर आधारित है।
उन्होंने कहा—

“हर बूथ पर महिला सुरक्षा हमारा धर्म है। हर गली में बेटियों का सम्मान हमारा संस्कार है। जब परिवार और समाज मिलकर सुरक्षा देते हैं, तभी सशक्त भारत का निर्माण होता है।”

राठौड़ ने इस अवसर पर झोटवाड़ा में चल रहे महिला उद्यमिता, स्किल ट्रेनिंग और सेल्फ-हेल्प ग्रुप (SHG) पहलों की सराहना की और कहा कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र राजस्थान का ‘महिला स्टार्टअप हब’ बनेगा।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में झोटवाड़ा का योगदान

कर्नल राठौड़ ने कहा कि आज झोटवाड़ा “नौकरी मांगने वाला” नहीं, बल्कि “नौकरी देने वाला” क्षेत्र बन रहा है।
युवा वर्ग नई तकनीकों को अपनाकर ई-गवर्नेंस, डिजिटल सर्विस, हेल्थटेक और एग्रीटेक जैसे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा—

“आत्मनिर्भर भारत केवल नीति नहीं, यह हर भारतीय का विश्वास है। झोटवाड़ा इसका जीवंत उदाहरण है।”

निष्कर्ष: नारी सशक्तिकरण से विकसित भारत की ओर

कर्नल राठौड़ का झोटवाड़ा में दिया यह संदेश केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि आने वाले भारत की झलक है —
एक ऐसा भारत जहाँ महिलाएँ नेतृत्व कर रही हैं, युवा नवाचार कर रहे हैं, और समाज एकजुट होकर विकास की नई कहानी लिख रहा है।

जुड़े रहें कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ

 

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