पिछले 15 दिनों में राजस्थान के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में एक ही गूँज है—”नशा मुक्त राजस्थान”। लाडनूं और डीडवाना के अपने हालिया दौरे के दौरान, कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राज्य के युवाओं को एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी को खोखला कर देता है।
लाडनूं अलर्ट: “नशा छोड़ो, खेल चुनो” लाडनूं में युवाओं को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा कि नशा मुक्त भारत (Drug-Free India) का सपना तभी पूरा होगा जब राजस्थान का युवा जागरूक होगा। उन्होंने सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर जोर दिया और युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा को खेलों और कौशल विकास (Skill Development) में लगाएं।
सरकार की पहल और सामाजिक सुधार
- नशा मुक्ति अभियान: कर्नल राठौड़ के नेतृत्व में, विभाग विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है। यह समाजिक पहल (Social Initiatives Rajasthan) युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान कर रही है।
- युवा शक्ति का सही इस्तेमाल: मंत्री जी का मानना है कि यदि युवाओं के पास रोजगार और लक्ष्य होगा, तो वे नशे की ओर नहीं भटकेंगे। इसीलिए वे युवा रोजगार योजनाओं (Youth Employment Schemes) को जमीनी स्तर पर लागू कर रहे हैं।
निष्कर्ष राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के लिए यह केवल एक सरकारी ड्यूटी नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत मिशन है। एक फौजी होने के नाते, वे जानते हैं कि अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। लाडनूं से शुरू हुआ यह अलर्ट अब पूरे राजस्थान के नौजवानों को बचाने का संकल्प बन चुका है।