किसी भी क्षेत्र की प्रगति का असली पैमाना वहां का बुनियादी ढांचा (Infrastructure) होता है। झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र आज एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीन पर ‘तेज़ रफ्तार’ से पूरी हो रही हैं।
चाहे वह युवाओं के लिए आईटीआई हो, बेहतर इलाज के लिए अस्पताल या शहर को स्वच्छ रखने के लिए सीवरेज लाइन—राठौड़ का विजन झोटवाड़ा को राजस्थान का सबसे विकसित निर्वाचन क्षेत्र बनाना है।
1. आईटीआई (ITI): युवाओं के हाथ में होगा हुनर
एक कौशल विकास मंत्री (Skill Development Minister) के रूप में कर्नल राठौड़ जानते हैं कि केवल डिग्री से रोजगार नहीं मिलता, हुनर से मिलता है। झोटवाड़ा में बन रहा नया आईटीआई (ITI) भवन इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
- इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना है।
- इससे Jhotwara MLA work की उस प्रतिबद्धता का पता चलता है, जहाँ शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है।
2. स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: घर के पास मिलेगा इलाज
जनता की सबसे बड़ी मांग एक आधुनिक अस्पताल की थी। Jhotwara latest news के अनुसार, क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।
- अब झोटवाड़ा के निवासियों को छोटी-छोटी जांचों या इलाज के लिए शहर के मुख्य अस्पतालों तक दौड़ने की जरूरत नहीं होगी।
- संसाधनों की उपलब्धता और अनुभवी डॉक्टरों की तैनाती के साथ, यह राजस्थान के मंत्री राठौड़ की ‘स्वस्थ झोटवाड़ा’ संकल्प की दिशा में एक बड़ी जीत है।
3. सीवरेज और सड़क: जलभराव से मिलेगी मुक्ति
मानसून से पहले सीवरेज और ड्रेनेज लाइनों का काम पूरा करना Viksit Jhotwara development मॉडल की प्राथमिकता रही है। ₹924 करोड़ के भारी-भरकम बजट के तहत:
- नई सीवरेज लाइनें बिछाई जा रही हैं ताकि कॉलोनियों में गंदगी की समस्या खत्म हो।
- खराब सड़कों की मरम्मत और पुरानी पाइपलाइनों को बदलने का काम तेज़ कर दिया गया है।
- कर्नल राठौड़ खुद समय-समय पर इन कार्यों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर रहे हैं ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
4. विजन 2026: विकसित झोटवाड़ा, विकसित राजस्थान
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ का यह कार्य मॉडल ‘अनुशासन और जवाबदेही’ पर आधारित है। एक रिटायर्ड इंडियन आर्मी कर्नल के रूप में वे हर प्रोजेक्ट की समय सीमा (Deadline) तय करते हैं। आईटीआई, अस्पताल और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं जब पूरी हो जाएंगी, तो झोटवाड़ा की आर्थिक और सामाजिक सूरत पूरी तरह बदल जाएगी।
निष्कर्ष
झोटवाड़ा आज बदलाव का साक्षी बन रहा है। आईटीआई से हुनरमंद युवा निकलेंगे, अस्पतालों से स्वस्थ जीवन मिलेगा और बेहतर सीवरेज से स्वच्छ वातावरण। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ की ये विकास योजनाएं यह साबित करती हैं कि जब इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो प्रगति की रफ्तार को कोई नहीं रोक सकता।