सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कैडेट्स से संवाद करते हुए कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने का संदेश दिया। 6 अक्टूबर 2026 को स्कूल के दौरे के दौरान उन्होंने शूटिंग रेंज का निरीक्षण किया और कैडेट्स के प्रशिक्षण तथा खेल सुविधाओं की जानकारी ली।
परिस्थितियां नहीं, आपके निर्णय तय करते हैं भविष्य
कैडेट्स से बातचीत के दौरान राठौड़ ने अपने सैन्य जीवन और खेल यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा व्यक्ति के नियंत्रण में नहीं होतीं, लेकिन उन परिस्थितियों में लिए गए निर्णय व्यक्ति के आगे के रास्ते को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कैडेट्स से कहा कि किसी भी चुनौती के सामने अपने लक्ष्य से भटकने के बजाय अपने प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए। सफलता और असफलता दोनों को स्वीकार करते हुए लगातार आगे बढ़ना जरूरी है।
लंबे लक्ष्य के लिए धैर्य और मेहनत जरूरी
राठौड़ ने अपने ओलंपिक अनुभव का उदाहरण देते हुए कैडेट्स को बताया कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए लंबे समय तक निरंतर मेहनत करनी पड़ती है। उन्होंने प्रक्रिया पर ध्यान देने और एक समय में एक कदम पर फोकस करने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि असफलताएं सीखने का हिस्सा हैं। गलतियों से सीखकर दोबारा प्रयास करना व्यक्ति को अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।
अनुशासन और नेतृत्व पर जोर
कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने पढ़ने की आदत विकसित करने, संवाद कौशल मजबूत करने, टीम भावना के साथ काम करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूल में उपलब्ध खेल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी।
सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में उनका संदेश युवाओं के लिए लक्ष्य, अनुशासन, जिम्मेदारी और निरंतर प्रयास के महत्व पर केंद्रित रहा। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ से जुड़े अन्य अपडेट News & Updates सेक्शन में देखे जा सकते हैं।