राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हमारे किसान हैं। कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि सीधे खेत-खलिहान तक पहुँचें।
राजकिसान साथी पोर्टल: डिजिटल क्रांति
कर्नल राठौड़ के विजन से फलीभूत राजकिसान साथी पोर्टल को हाल ही में National CIPS Innovation Award से नवाजा गया है। इस पोर्टल के माध्यम से:
- 73 लाख से अधिक किसान सीधे सरकार से जुड़ चुके हैं।
- ₹3,500 करोड़ से अधिक की राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसानों के खातों (DBT) में भेजी गई है।
राहत और मदद का संतुलन
किसानों के लिए राजस्थान मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ का संदेश स्पष्ट है: आपदा के समय “राहत” और विकास के लिए “मदद” दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए। हाल ही में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए उन्होंने त्वरित गिरदावरी और मुआवजे के निर्देश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर, कुसुम योजना और ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से किसानों की लागत कम करने और आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
स्थानीय उद्योगों से जुड़ाव
पोकरण के टेराकोटा उद्योग से लेकर ग्रामीण हस्तशिल्प तक, राठौड़ किसानों और ग्रामीण कारीगरों को Global Value Chain से जोड़ रहे हैं। उनका मानना है कि जब किसान तकनीक और व्यापार से जुड़ेगा, तभी राजस्थान का ग्रामीण अंचल समृद्ध होगा।