कहा जाता है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और देश की समृद्धि का रास्ता सीधे खेत-खलिहानों से होकर गुजरता है। जब गांव का किसान समृद्ध होगा, तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने झोटवाड़ा क्षेत्र के किसानों को एक ऐतिहासिक सौगात दी है।
श्योसिंहपुरा के बसेड़ी में करीब ₹9.5 करोड़ की लागत से 25 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक कृषि मंडी बनाई जाएगी। इस बड़ी घोषणा ने क्षेत्र के किसानों की दशकों पुरानी मांग को पूरा कर दिया है, जिससे न केवल फसलों की बिक्री आसान होगी बल्कि पूरे इलाके के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी।
1. 4 महीने में शुरू होगा काम: ‘नो डिले’ सुशासन
एक झोटवाड़ा विधायक के तौर पर कर्नल राठौड़ केवल कागजी घोषणाओं पर विश्वास नहीं करते। अपनी हालिया रात्रि चौपाल और जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान इस मंडी का एलान करते हुए उन्होंने साफ कहा कि “अगले चार महीने के भीतर इस 25 एकड़ जमीन पर काम शुरू कर दिया जाएगा।” सैन्य अनुशासन से लैस राठौड़ का यह त्वरित एक्शन मॉडल ही Viksit Jhotwara development की असली पहचान बन चुका है, जहां परियोजनाओं को वर्षों तक लटकाया नहीं जाता, बल्कि तय समय सीमा (Deadline) के भीतर पूरा किया जाता है।
2. दूरदराज की मंडियों से मुक्ति: किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
बसेड़ी में आधुनिक कृषि मंडी स्थापित होने से झोटवाड़ा और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों के हजारों किसानों को सीधा फायदा होगा:
- किराए और समय की बचत: अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज की मंडियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
- बेहतर परिवहन व्यवस्था: मंडी के आने से इस पूरे ग्रामीण बेल्ट की सड़कों और परिवहन बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जाएगा।
- स्थानीय रोजगार: मंडी परिसर में सैकड़ों नई दुकानें, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज बनेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जब तक हमारे गांव की बुनियादी सुविधाएं शहरों जैसी नहीं होंगी, तब तक विकसित राजस्थान का सपना अधूरा है।
3. कृषि और अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
बसेड़ी की यह कृषि मंडी केवल फसलों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं रहेगी। इसे एक आधुनिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जो जोबनेर स्थित पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय और कृषि अनुसंधान केंद्रों के साथ मिलकर किसानों को आधुनिक खेती और बेहतर बीजों की तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराएगा।
निष्कर्ष
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ द्वारा बसेड़ी में ₹9.5 करोड़ की आधुनिक कृषि मंडी की घोषणा झोटवाड़ा के इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह कदम दिखाता है कि जब इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो दशकों पुरानी मांगें भी महीनों में हकीकत बन जाती हैं। झोटवाड़ा का किसान अब आत्मनिर्भरता और समृद्धि की एक नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।