Saturday, May 23, 2026

बच्चों में ब्रेन ट्यूमर से जुड़े आम मिथक और सच्चाई जानना क्यों है जरूरी

बच्चों में ब्रेन ट्यूमर का निदान किसी भी परिवार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और भावनात्मक रूप से कठिन अनुभव हो सकता है। अक्सर इस बीमारी को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं और मिथक मौजूद होते हैं, जो माता-पिता की चिंता और भय को और बढ़ा देते हैं। सही जानकारी और समय पर पहचान ही बेहतर उपचार और परिणामों की दिशा में सबसे अहम कदम है।बच्चों में ब्रेन ट्यूमर को लेकर जागरूकता बढ़ाना, शुरुआती संकेतों को पहचानना और मिथकों के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करना समय पर उपचार और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

एक आम धारणा है कि ब्रेन ट्यूमर बच्चों में नहीं होता, जबकि वास्तविकता यह है कि बच्चों में ब्रेन ट्यूमर सबसे सामान्य सॉलिड ट्यूमर में शामिल हैं और कई क्षेत्रों में यह कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण बन चुका है। इसके लक्षण अक्सर शुरुआती चरण में हल्के या अस्पष्ट होते हैं, जिसके कारण निदान में देरी हो सकती है और इसका असर उपचार के परिणामों पर पड़ता है। वहीं, मोबाइल फोन या वाई-फाई के उपयोग को भी कई लोग बच्चों में ब्रेन ट्यूमर का कारण मानते हैं, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के शोध में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि मोबाइल डिवाइस से निकलने वाला रेडिएशन ब्रेन ट्यूमर का कारण बनता है।

मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी, पीडियाट्रिक हीमेटोलॉजी एवं पीडियाट्रिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग की कंसल्टेंट डॉ. स्वाति भयाना ने बताया “कुछ लोग मानते हैं कि सिर पर चोट लगने या गिरने से ब्रेन ट्यूमर हो सकता है। वास्तव में, ऐसी चोटें ट्यूमर पैदा नहीं करतीं। कई बार चोट के बाद किए गए स्कैन में पहले से मौजूद ट्यूमर का पता चल जाता है। इसी तरह, यह भी जरूरी नहीं कि हर बच्चे में ब्रेन ट्यूमर होने पर दौरे (सीजर्स) आएं। लक्षण पूरी तरह ट्यूमर के आकार और उसके स्थान पर निर्भर करते हैं। कई बच्चों में लगातार उल्टी होना, आंखों में भेंगापन आना, आंख का झुक जाना, व्यवहार में बदलाव, बार-बार लड़खड़ाना या पढ़ाई में अचानक गिरावट जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। तेज सिरदर्द को भी अक्सर ब्रेन ट्यूमर से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन हर सिरदर्द इसका संकेत नहीं होता। माइग्रेन, आंखों की समस्या या अत्यधिक स्क्रीन टाइम जैसी स्थितियां भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं।“

हालांकि, यदि सिरदर्द लगातार बना रहे, धुंधला दिखाई दे या अन्य असामान्य लक्षण हों, तो विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है। इसी तरह, बच्चों में होने वाले ब्रेन ट्यूमर वयस्कों के ब्रेन ट्यूमर का छोटा रूप नहीं होते। बच्चों के ट्यूमर जैविक रूप से अलग होते हैं और उनके प्रकार व उपचार की जरूरतें भी भिन्न होती हैं।

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